सोनीपत में चल रही थी नकली सिक्कों की फैक्ट्री
पुलिस की जांच के मुताबिक, नकली सिक्के बनाने वाला यह गिरोह हरियाणा के सोनीपत में फैक्ट्री चला रहा था। बताया जा रहा है कि करीब 10 महीने से यहां यह अवैध कारोबार चल रहा था। खास बात यह है कि आरोपियों ने अपने इस काम को छिपाने के लिए पेचकस बनाने के कारोबार की आड़ ले रखी थी। बाहर से यह जगह सामान्य फैक्ट्री जैसी दिखाई देती थी, लेकिन अंदर कथित तौर पर 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे।
पुलिस को मिले नकली और अधबने सिक्के
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 6,400 रुपये कीमत के नकली सिक्के बरामद किए हैं। इसके अलावा लगभग 5 लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के भी मिले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए नकली सिक्के किन-किन इलाकों में पहुंचाए गए।
70 करोड़ रुपये के सिक्के बाजार में पहुंचाने का दावा
आरोपियों ने दावा किया है कि वे अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुके हैं। अगर इस रकम को 20 रुपये के सिक्कों में बदलें, तो इनकी संख्या करीब 3.5 करोड़ होती है। हालांकि, यह आंकड़ा आरोपियों के दावे पर आधारित है। पुलिस इसकी पुष्टि करने के लिए जांच कर रही है।
ऐसे पहचानें असली 20 रुपये का सिक्का
अब सवाल है कि आम लोग असली और नकली सिक्के में अंतर कैसे समझें? इसके लिए कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
12 किनारे: असली 20 रुपये का सिक्का 12 किनारों वाला होता है।
अलग बनावट: इसके बाहरी हिस्से और बीच के गोल हिस्से की बनावट अलग होती है।
स्पष्ट निशान: सिक्के पर 20 रुपये का अंक, रुपये का प्रतीक और अन्य डिजाइन साफ दिखाई देते हैं।
वजन और फिनिशिंग: सिक्के का वजन, किनारों की बनावट और फिनिशिंग भी जांचें।
सिक्का नकली होने का शक हो तो क्या करें?
सिर्फ सिक्के की चमक, रंग या वजन देखकर उसके असली होने का फैसला नहीं करना चाहिए। अगर किसी सिक्के पर संदेह है, तो उसे बैंक या संबंधित अधिकारियों को दिखाकर जांच करवाएं। बिना पुष्टि के किसी सिक्के को नकली बताना सही नहीं है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता आपको नकली सिक्कों के इस्तेमाल से बचा सकती है।

