Bollywood News: बॉलीवुड अभिनेत्री Sushmita Sen आज दो बेटियों की प्राउड सिंगल मदर हैं। लेकिन जब उन्होंने साल 2000 में अपनी बड़ी बेटी रेने को गोद लेने का फैसला किया था, तब यह कदम इंडस्ट्री के लिए काफी चौंकाने वाला था। उस समय सुष्मिता सिर्फ 24 साल की थीं और करियर के पीक पर थीं। ऐसे में उनके इस फैसले को कई लोगों ने गलत माना था।
मैनेजर ने छोड़ दिया था साथ
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुष्मिता सेन ने बताया कि बेटी को गोद लेने के बाद उन्हें इंडस्ट्री से काफी विरोध झेलना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके अपने मैनेजर ने भी उनका साथ छोड़ दिया था। मैनेजर का कहना था कि इतनी कम उम्र में मां बनने का फैसला उनके करियर को खत्म कर देगा।सुष्मिता ने याद करते हुए कहा कि उनके मैनेजर ने साफ कह दिया था, “तुम अपने करियर को लेकर सीरियस नहीं हो। अब तुम्हें कैरेक्टर रोल भी नहीं मिलेंगे।” इसके बाद वह उन्हें छोड़कर चला गया। हालांकि, सुष्मिता ने इसे अपनी जिंदगी का बुरा नहीं बल्कि अच्छा मोड़ माना।
सुष्मिता ने नहीं मानी इंडस्ट्री की सोच
सुष्मिता सेन हमेशा से अपने फैसले खुद लेने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने बताया कि उस दौर में लोगों को लगता था कि शादी या मां बनने के बाद एक अभिनेत्री का करियर खत्म हो जाता है। लेकिन सुष्मिता ने इन नियमों को मानने से इनकार कर दिया।उन्होंने कहा, “मैं इंडिपेंडेंट महिला हूं। मैंने अपनी जिंदगी में सब कुछ खुद हासिल किया है। इसलिए दूसरों के बनाए नियम मुझ पर लागू नहीं होते।”
मां बनने के बाद दीं सुपरहिट फिल्में
दिलचस्प बात यह है कि मां बनने के बाद ही सुष्मिता के करियर ने नई ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने Main Hoon Na और Maine Pyaar Kyun Kiya जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
आज कई महिलाओं के लिए हैं प्रेरणा
सुष्मिता सेन ने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी कई लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने साबित कर दिया कि एक महिला अपने फैसले खुद ले सकती है और मां बनने के बाद भी अपने सपनों को पूरा कर सकती है।आज उनकी दोनों बेटियां रेने और अलीशा उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा हैं और सुष्मिता अपने परिवार के साथ बेहद खुश हैं।

