E-commerce News: ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनियों Flipkart और Myntra एक नई शिकायत के बाद चर्चा में हैं। ‘फोरम फॉर इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स एंड ट्रेडर्स’ (FIRST) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के सामने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि Flipkart कुछ चुनिंदा विक्रेताओं को भारी डिस्काउंट के जरिए अनुचित फायदा पहुंचा रहा है। इस शिकायत में कंपनी की पैरेंट कंपनी Walmart और उससे जुड़ी अन्य इकाइयों का भी जिक्र किया गया है।
क्या हैं शिकायत के मुख्य आरोप?
शिकायत के अनुसार, Flipkart करीब 33 चुनिंदा सेलर्स को बाजार कीमत से कम दर पर सामान उपलब्ध कराता है। इन विक्रेताओं में OmniTech Retail, SuperCom Net और TrueCom Retail जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि ये विक्रेता बाद में उसी सामान को कम कीमत पर बेचते हैं, जिससे अन्य लाखों सेलर्स के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है।FIRST का दावा है कि इससे लगभग 14 लाख से अधिक छोटे और मध्यम विक्रेताओं को नुकसान पहुंचता है और ई-कॉमर्स मार्केट में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।
3,000 करोड़ रुपये के कथित GST लाभ का दावा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी कथित तौर पर टैक्स नियमों का फायदा उठाकर हर साल लगभग 3,000 करोड़ रुपये का “सब्सिडी पूल” तैयार करती है। इसी फंड के जरिए भारी डिस्काउंट दिए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, यह आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
CCI से जांच की मांग
FIRST ने CCI के डायरेक्टर जनरल से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Flipkart खुद को मार्केटप्लेस मॉडल बताता है, जबकि उसका संचालन कथित तौर पर इन्वेंट्री आधारित मॉडल की तरह किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रतिस्पर्धा कानून के तहत आगे की कार्रवाई संभव हो सकती है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है और जांच की मांग की गई है। CCI की ओर से अभी अंतिम फैसला या जांच के नतीजे सामने नहीं आए हैं। साथ ही, Flipkart, Myntra या Walmart की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक इन आरोपों को केवल शिकायत का हिस्सा माना जाएगा।

