केदारनाथ यात्रा 2026: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से महज कुछ घंटे पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब बाबा केदार के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय मंदिर की आध्यात्मिकता और शांति को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
रील और फोटोग्राफी पर ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’
मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती के अनुसार, पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर में रील बनाने और अमर्यादित वीडियो शूट करने की घटनाएं बढ़ी थीं, जिससे मंदिर की गरिमा को ठेस पहुँच रही थी। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित नियम लागू किए हैं:
* मोबाइल जमा करना अनिवार्य: श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार (सिंह द्वार) में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल फोन बाहर बने ‘क्लोक रूम’ में जमा करने होंगे।
सख्त कानूनी कार्रवाई: यदि कोई छिपकर वीडियो बनाते या फोटो खींचते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
मर्यादा का पालन: मंदिर समिति का उद्देश्य भक्तों का ध्यान फोटो से हटाकर पूरी तरह भक्ति और साधना की ओर केंद्रित करना है।
कल खुलेगा बाबा का दरबार
कल यानी 22 अप्रैल 2026 की सुबह 8:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
* गंगोत्री और यमुनोत्री: 19 अप्रैल को कपाट खुल चुके हैं।
* बद्रीनाथ: केदारनाथ के ठीक अगले दिन यानी 23 अप्रैल को कपाट खुलेंगे।
यात्रियों के लिए नई व्यवस्थाएं और सुरक्षा
इस साल की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है:
अनिवार्य पंजीकरण: चार धाम यात्रा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बिना सोनप्रयाग से आगे प्रवेश नहीं मिलेगा। QR कोड पास अनिवार्य है।
टोकन सिस्टम: लंबी लाइनों से बचने के लिए ‘स्लॉट-आधारित’ टोकन व्यवस्था लागू की जा सकती है।
हेलीकॉप्टर बुकिंग: धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल IRCTC के आधिकारिक पोर्टल से ही बुकिंग मान्य होगी।
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