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शुक्रवार, जुलाई 10, 2026
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29 साल बाद सामने आया राज,यश चोपड़ा की इस फिल्म को ठुकराना श्रीदेवी को पड़ा था भारी,फिर माधुरी दीक्षित ने रच दिया इतिहास

Bollywood News: हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार रोमांटिक फिल्मों में ‘दिल तो पागल है’ का नाम आज भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। साल 1997 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर और अक्षय कुमार की दमदार स्टारकास्ट वाली इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी लोगों को हैरान कर देता है।

पहले श्रीदेवी को मिला था फिल्म का ऑफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म में पूजा का किरदार सबसे पहले श्रीदेवी को ऑफर किया गया था। उस समय श्रीदेवी अपने करियर में अलग तरह की भूमिकाएं करना चाहती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें लगा कि यह किरदार उनके पहले निभाए गए कुछ रोल्स जैसा है, इसलिए उन्होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया।

उनका फैसला उस समय भले ही अलग सोच का हिस्सा रहा हो, लेकिन आगे चलकर यही रोल किसी और की किस्मत बदलने वाला साबित हुआ।

माधुरी दीक्षित के करियर की बनी यादगार फिल्म

श्रीदेवी के मना करने के बाद यह भूमिका माधुरी दीक्षित को ऑफर की गई। माधुरी ने इस मौके को हाथों-हाथ लिया और अपने शानदार अभिनय, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया।

आज भी ‘दिल तो पागल है’ को माधुरी दीक्षित के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। उनके अभिनय को समीक्षकों ने भी खूब सराहा और फिल्म ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

करिश्मा कपूर वाला रोल भी कई अभिनेत्रियों ने छोड़ा

फिल्म का एक और रोचक किस्सा करिश्मा कपूर के किरदार से जुड़ा है। बताया जाता है कि यह भूमिका पहले कई अभिनेत्रियों को ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

कहा जाता है कि उस दौर में माधुरी दीक्षित जैसी बेहतरीन डांसर के साथ स्क्रीन शेयर करने को लेकर कुछ अभिनेत्रियां असहज थीं। आखिरकार यह रोल करिश्मा कपूर के पास पहुंचा और उन्होंने इसे पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया।

अवॉर्ड्स की भी हुई बारिश

करिश्मा कपूर के शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। वहीं फिल्म ने कुल 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए। यश चोपड़ा के निर्देशन, शानदार संगीत, यादगार गानों और बेहतरीन अभिनय ने ‘दिल तो पागल है’ को हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों की सूची में हमेशा के लिए शामिल कर दिया।आज, रिलीज के लगभग तीन दशक बाद भी यह फिल्म अपने रोमांस, संगीत और दमदार स्टारकास्ट की वजह से दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में गिनी जाती है।

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