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शुक्रवार, जुलाई 10, 2026
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Health Ministry: अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ये वाली दवाएं,जानिए क्यों सरकार ने बदले नियम

Health Ministry: दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए नियमों के तहत 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल (एथाइल अल्कोहल) वाली ओरल दवाओं को अब Schedule H1 श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि ऐसी दवाएं अब मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं खरीदी जा सकेंगी। साथ ही दवा विक्रेताओं को इनकी बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी रखना होगा।

किन दवाओं पर पड़ेगा असर?

नए नियम उन सभी ओरल फॉर्मूलेशन पर लागू होंगे जिनमें 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल हो और जो 30 मिलीलीटर से बड़े पैक या बोतल में बेचे जाते हों। इसका असर कई कफ सिरप, टॉनिक और अन्य अल्कोहल युक्त दवाओं पर पड़ सकता है, जिन्हें अब तक कई जगह आसानी से खरीदा जा सकता था।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का कहना है कि कुछ अल्कोहल युक्त दवाओं और कोडीन आधारित कफ सिरप का नशे के रूप में दुरुपयोग बढ़ रहा था। कई राज्यों से इन दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी की शिकायतें भी सामने आई थीं। इसी को देखते हुए ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन कर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

क्या है Schedule H1?

Schedule H1 भारत में दवाओं की ऐसी श्रेणी है, जिनकी बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इन दवाओं को केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर बेचा जा सकता है। मेडिकल स्टोर संचालकों को बिक्री का रिकॉर्ड रखना और प्रिस्क्रिप्शन से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी होती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

अब यदि किसी मरीज को 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवा की आवश्यकता होगी, तो उसे पहले डॉक्टर से परामर्श लेकर प्रिस्क्रिप्शन लेना होगा। बिना पर्ची के ऐसी दवाओं की बिक्री नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी।

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